शिशु गृह

अनाथ, परित्‍यक्त, समर्पित बच्‍चों, अविवाहित माताओं के बच्‍चों तथा निराश्रित छोटे बच्‍चों की देखरेख के लिये राज्‍य में वर्तमान में 8 शिशुगृह (1 राजकीय, 5 राज्‍य सरकार द्वारा अनुदानित तथा 2 केन्‍द्र सरकार द्वारा अनुदानित) संचालित हैं। इन शिशु गृहों में आने वाले शिशुओं को विशेष हिफाजत एवं अहतियात बरता जाकर उनके पालन-पोषण, शिक्षा आदि की व्‍यवस्‍था की जाती है।

राज्‍य में संचालित शिशु गृह

क्र. सं.

शिशु गृह का नाम मय पूर्ण पता

राजकीय / अनुदानित

1

राजकीय शिशु गृह

पानी की टंकी के पास, गॉंधीनगर, जयपुर

राजकीय, विभाग द्वारा संचालित

2

महेशाश्रम शिशु गृह

64, मोतीमगरी स्‍कीम, उदयपुर C/o मॉं भगवती विकास संस्‍थान, 73, कुमावतपुरा, उदयपुर।

राज्‍य सरकार द्वारा अनुदानित

3कृष्‍ण वाटिका

C/o जीवन निर्माण संस्‍थान, गोलबाग रोड़, भरतपुर।

4मातृछांव शिशु गृह,

एफ.सी.आई. गोदाम के पास, महेशपुरा रोड़, जालौर

C/o हनुमान सेवा समिति, लाल पोल के अंदर, जालौर।

5आशा शिशु गृह, सी-65, वल्‍लभ गार्डन, बीकानेर

C/o कृषि ग्रामीण एवं पर्यावरण विकास संस्‍था (एरेडो),

1-सी-13, पवनपुरी, बीकानेर।

6शिशु गृह, C/o मानव कल्‍याण समिति, राजकीय चिकित्‍सालय के पीछे, वाया 5-ई छोटी, सूरतगढ़ रोड़, श्रीगंगानगर

7श्री करणी नगर विकास समिति, गोरधनपुरा, कोटा।

केन्‍द्रीय दत्तक ग्रहण संस्‍थान प्राधिकरण (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्‍वायत्त निकाय), नई दिल्‍ली द्वारा अनुदानित

8लवकुश बाल विकास केन्‍द्र, C/o नवजीवन संस्‍थान,

16/558, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर।

इन शिशु गृहों में दत्तक ग्रहण के योग्‍य शिशुओं को दत्तक ग्रहण के माध्‍यम से योग्‍य परिवारों में पुनर्वासित किया जाता है।

राजकीय शिशु गृह, जयपुर के उपेक्षित घोषित शिशुओं की सूची

क्र.सं.नाम शिशुलिंगआयुमाध्‍यमउपेक्षित घोषित किये जाने का दिनांक1लवलीएफ.1 वर्ष 6 माहबाल कल्‍याण समिति, जयपुर24.08.20092जाहन्‍वीएफ.7 माहबाल कल्‍याण समिति, जयपुर06.10.20093अनामिकाएफ.1 वर्षबाल कल्‍याण समिति, अजमेर 4अनिषाएफ.4 वर्ष 3 माहबाल कल्‍याण समिति, अजमेर06.01.20105रितीकाएफ.8 माहबाल कल्‍याण समिति, बीकानेर24.12.20096मुस्‍कानएफ.7 माहबाल कल्‍याण समिति, अलवर20.01.20107सोनियाएफ.4 वर्ष 6 माहबाल कल्‍याण समिति, अजमेर 8रूचिकाएफ.4 वर्ष 7 माहबाल कल्‍याण समिति, अजमेर26.03.2008 

राज्‍य में दत्तक ग्रहण कार्यक्रम

किशोर न्‍याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 (2000 का 56) (2006 के संशोधन अधिनियम 33 द्वारा यथा संशोधित) के अध्‍याय 4 में दत्तक ग्रहण (Adoption), देखरेख संवर्द्धन (Foster Care), प्रायोजन व देखरेख संगठन (Sponsorship & After Care Home) के माध्‍यम से बालकों के पुनरूद्धार और सामाजिक पुर्नएकीकरण सुनिश्चित किया गया है। इस क्रम में परित्‍यक्त/ लावारिस/ अभ्‍यर्पित शिशुओं/बच्‍चों को योग्‍य परिवार में पुनर्स्‍थापित करने के उद्देश्‍य से अधिनियम की धारा 41 में दत्तक ग्रहण के लिए आवश्‍यक उपबंध किए गए हैं। अधिनियम की धारा 41 की उपधारा (2) में ऐसे बच्‍चों, जो अनाथ, अभित्‍यजित या समर्पित हैं, का पुनर्वास दत्तक ग्रहण द्वारा किया जाना निर्धारित किया गया है। अधिनियम की धारा 41 की उपधारा (4) में दत्तक ग्रहण के क्रियान्‍वयन हेतु निम्‍नानुसार दो अभिकरणों को सम्‍बद्ध करते हुए उनका दायित्‍व निर्धारण किया गया है :-

बाल कल्‍याण समिति - अधिनियम की धारा 2(घ) में देखभाल व संरक्षण की आवश्‍यकताओं वाले बच्‍चों के प्रकरणों की सुनवाई व निपटान हेतु धारा 29 के अन्‍तर्गत बाल कल्‍याण समिति का प्रावधान किया गया है, जिसमें एक अध्‍यक्ष व चार सदस्‍यों के पद पर सामाजिक कार्यकर्ताओं का मनोनयन किया जाता है। परित्‍यक्त/ लावारिस/ अभ्‍यर्पित शिशुओं/ बच्‍चों के दत्तक ग्रहण के लिए अधिनियम की धारा 41(4) में बाल कल्‍याण समिति को दायित्‍व सौंपा गया है कि वह दत्तक ग्रहण में जाने योग्‍य शिशुओं/ बच्‍चों को अधिसूचित मार्गदर्शक सिद्धान्‍तों के अनुसार आवश्‍यक जांच/कार्यवाही पूर्ण कर "दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्‍वतंत्र" (Legally Free for Adoption) घोषित करें, ताकि दत्तक ग्रहण स्‍थापन एजेंसी सक्षम न्‍यायालय के आदेशों से शिशुओं/बच्‍चों को योग्‍य परिवार में दत्तक ग्रहण के माध्‍यम से पुनर्स्‍थापित कर सकें।

दत्तक ग्रहण स्‍थापन एजेंसी - परित्‍यक्त/ लावारिस/ अभ्‍यर्पित शिशुओं/ बच्‍चों के पालन-पोषण, चिकित्‍सा, देखभाल व दत्तक ग्रहण के माध्‍यम से परिवार में पुनर्स्‍थापना के उद्देश्‍य से अधिनियम की धारा 41(4) में केवल राजीकय/ स्‍वैच्छिक संस्‍थाओं को ही दत्तक ग्रहण स्‍थापन एजेंसी की मान्‍यता का प्रावधान किया गया है, जहॉं इन शिशुओं/ बच्‍चों को रखने, भोजन, वस्‍त्र, चिकित्‍सा एवं मनोरंजन की नि:शुल्‍क व्‍यवस्‍था की जाती है। इन संस्‍थाओं में आने वाले शिशुओं/ बच्‍चों को अधिनियम के अन्‍तर्गत दत्तक ग्रहण हेतु कारा, नई दिल्‍ली द्वारा प्रसारित दिशा-निर्देशों के अनुसार दत्तक ग्रहण के माध्‍यम से योग्‍य परिवार में पुनर्स्‍थापित किया जाता है।

क्र.सं.

गृह का नाम मय पूर्ण पता

द.ग्र.स्‍था. एजेंसी की मान्‍यता प्राप्‍त हैं अथवा नहीं

विशेष विवरण

1

राजकीय शिशु गृह, पानी की टंकी के पास, गॉंधीनगर, जयपुर।

मान्‍यता प्राप्‍त

0 से 5 वर्ष के बच्‍चों के दत्तक ग्रहण के लिए अधिकृत

2

श्री करणी नगर विकास समिति, गोरधनपुरा, कोटा।

मान्‍यता प्राप्‍त

 

 

0 से 6 वर्ष के बच्‍चों के दत्तक ग्रहण के लिए अधिकृत

 

 

3

लवकुश बाल विकास केन्‍द्र C/o नवजीवन संस्‍थान, 16/558 चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर।

4

महेशाश्रम शिशु गृह, 64, मोतीमगरी स्‍कीम, उदयपुरC/o मॉं भगवती विकास संस्‍थान, 73, कुमावतपुरा, उदयपुर।

5

राजकीय किशोर गृह, सेठी कॉलोनी, जयपुर।

मान्‍यता प्राप्‍त

6 से 18 वर्ष की बालिकाओं के दत्तक ग्रहण के लिए अधिकृत

6

राजकीय किशोर गृह, उदयपुर।

7

राजकीय किशोर गृह, जोधपुर।

8

राजकीय किशोर गृह, बीकानेर।

9

राजकीय बालिका गृह, पानी की टंकी के पास, गॉंधी नगर, जयपुर।

10

कृष्‍ण वाटिका C/o जीवन निर्माण संस्‍थान, गोलबाग रोड्, भरतपुर।

मान्‍यता प्राप्‍त नहीं

ये शिशु गह शिशुओं को रखने व देखभाल करने के लिए अधिकृत है, किन्‍तु इन्‍हें दत्तक ग्रहण स्‍थापन एजेंसी की मान्‍यता प्रदत्त नहीं है। इस कारण ये शिशुगृह शिशुओं को दत्तक ग्रहण में नहीं दे सकते हैं।

11मातृछॉंव शिशु गृह, FCI गोदाम के पास, महेशपुरा रोड़, जालौर C/o हनुमान सेवा समिति, लाल पोल के अन्‍दर, जालौर12आशा शिशु गृह, सी-65, वल्‍लभ गार्डन, बीकानेर C/o कृषि ग्रामीण एवं पर्यावरण विकास संस्‍था (एरेडो), 1-सी-13, पवनपुरी, बीकानेर।13शिशु गृह C/o मानव कल्‍याण समिति, राजकीय चिकित्‍सालय के पीछे, वाया 5-ई-छोटी, सूरतगढ़ रोड़, श्रीगंगानगर। 

राज्‍य में दत्तक ग्रहण कार्यक्रम निम्‍नानुसार संचालित किया जा रहा है :-

  1.  मान्‍यता प्राप्‍त दत्तक ग्रहण स्‍थापन एजेंसी दत्तक ग्रहण के इच्‍छुक दम्‍पत्ति/ व्‍यक्ति का पंजीयन करती है।

  2.  एजेंसी का अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता प्रत्‍याशित दम्‍पत्ति/ व्‍यक्ति को दत्तक ग्रहण के बारे में उनकी मनोशंका व भ्रांतियों को दूर करने के लिए समझाईश करता है व उनके घर जाकर गृह अध्‍ययन रिपोर्ट तैयार करता है, जिसमें प्रत्‍याशित दम्‍पत्ति/व्‍यक्ति की आर्थिक, सामाजिक, मानसिक स्थिति व स्‍वास्‍थ्‍य की स्थिति के बारे में टिप्‍पणी होती है।

  3.  परित्‍यक्त/ लावारिस/ अभ्‍यर्पित शिशुओं/ बच्‍चों के पाए जाने पर पुलिस/ सामान्‍य नागरिक/ शिशु गृह/ दत्तक ग्रहण स्‍थापन एजेंसी अविलम्‍ब बाल कल्‍याण समिति को अवगत कराती है।

  4.  बाल कल्‍याण समिति शिशु को निकटस्‍थ मान्‍यता प्राप्‍त शिशु गृह/ दत्तक ग्रहण स्‍थापन एजेंसी में प्रवेश देने का आदेश प्रदान करती है।

  5.  अधिनियम व कारा के दिशा-निर्देशानुसार बाल कल्‍याण समिति आवश्‍यक जांच कराती है, शिशु के माता-पिता/ संरक्षकों के नहीं मिलने पर समाचार पत्रों में विज्ञप्ति के जरिए शिशु को दत्तक ग्रहण हेतु स्‍वतंत्र करने के लिए आपत्ति (यदि किसी को हो) आमंत्रित करती है। अनापत्ति की स्थिति में समिति के दो सदस्‍यों के हस्‍ताक्षरों व बाल कल्‍याण समिति की मोहर से शिशु को "दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्‍वतंत्र" घोषित किया जाता है।

  6.  दत्तक ग्रहण स्‍थापन एजेंसी में विधिक रूप से दत्तक ग्रहण हेतु स्‍वतंत्र शिशु/ बच्‍चों के होने पर एजेंसी द्वारा एजेंसी में पंजीकृत प्रत्‍याशित माता-पिता/व्‍यक्ति को शिशु गोद लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है।

  7.  सामान्‍यतया शिशु का न्‍यायालय से उचित अधिनियम के अन्‍तर्गत गोदनामा पूर्ण होने में समय लगता है, इस कारण दत्‍तक ग्रहण स्‍थापन एजेंसी द्वारा प्रत्‍याशित माता-पिता/व्‍यक्ति को शिशु कुछ समय के लिए दत्तक ग्रहण पूर्व पोषक देखरेख (Pre-Adoption Foster Care)  में दिया जाता है, ताकि शिशु व माता-पिता आपस में अनुकूल हो जावें। गोदनामा पूर्ण कराने के लिए एजेंसी व माता-पिता संयुक्‍त रूप से न्‍यायालय में आवेदन करते हैं तथा गोदनामा पूर्ण होने पर एजेंसी द्वारा उसे पंजीकृत कराया जाता है।

  8.  दत्तक ग्रहण पूर्ण होने के बाद भी एजेंसी द्वारा माता-पिता को समय-समय पर आवश्‍यक परामर्श उपलब्‍ध कराती है व शिशु की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्‍त करती है।

बालक को गोद लेने के इच्‍छुक माता-पिता की मार्गदर्शिका

दत्तक ग्रहण हेतु प्रतीक्षारत आवेदकों की सूची    (As on Nov.2010)